skip to Main Content

संस्था किए निम्नलिखित उद्देस्य होंगे:

1.सामाजिक, नैतिक एवं विकास हेतु रचनात्मक भूमिका का निर्वाहन करना तथा अशिक्षित समाज को शिक्षित करने का प्रयास करना तथा उसके लिए समयबंदु कार्यकर्मो को करना, दहेज बाल विवाह, नारी उत्पीड़न आदि को समूल रूप से समाप्त करने हेतु जन जागरण करना, और समाज में समरसता का वातावरण कायम करना।

2.गरीबों की हर सम्भव सहायता करना, मानव समाज में सर्वधर्म सम्भव की भावना सृजन करना, विज्ञान कला, साहित्य का प्रचार करना। औषचालय, पुस्तकालय,वाचनालय एवं अनबालय की स्थापनाकराने में हर सम्भव प्रयास करना। समाज में शोषित वर्ग कृषक, कल्याणकारी एवं जीवनोपयोगी तथा देवी आपदाओं में सहायता करना।

3.धार्मिक एवं सामाजिक तथा संस्कृतिक दृष्टि से पिछड़े लोगों में आत्मनिर्भरता हेतु वैज्ञानिक एवं भौतिक तथ्यो पर आधारित नई चेतना का सृजन करना।4.समाज के शोषित समाज जैसे आदिवासी, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति तथा पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों का सर्वभौमिक विकास करना।

5.भारतीय कृषक समाज/कृषक मजदूर/खान- खदान मजदूर तथा सरकारी एवं अर्द्धसरकारी श्रमिको के हितो की रक्षा हेतु विविध कार्य योजना बनाना एवं संचालन करना। उनकी सेवा शर्त के नियम बनाना वेतन भत्ते तय करना उसका भुगतान करना।

6.संस्था के समस्त आवष्यक दस्तावेजों, ऋण, अनुदान पत्रों, बैंकों, ड्राफ्टों बंधक विलेखो बिल- बाउचरों पर हस्ताक्षर करना ।

7.संस्था के विकास हेतु अन्य वे सभी आवष्यक कार्य करना जो संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति एवं संस्था विकास में सहायक हो करना।
संस्था की चल- अचल संपत्ति की सुरक्षा करना हस्तातरण किराये- पट्टे पर लेने व देने से संबंधित प्रपत्रों तथा दस्तावेजो शर्तनामो- बेनामो आदि पर हस्ताक्षर करना।

8.उद्देश्यों की पूर्ति के लिये भूमि भवन वाहन कय हेतु बैंकों से ऋण प्राप्त करना संस्था की या अपनी निजी चल -अचल संपत्ति को बंधक करना।

9.किसी विषय पर सामान मत आने पर अपना एक निर्णयक मत देना। उपाध्यक्ष-

10.अध्यक्ष की अनपस्थिति में उनके कार्यो को करना सामान्य स्थिति में उनका सहयोग करना।

प्रबंध/सचिव-

1.संस्था की उन्नति एवं विकास हेतु कार्य करना।
2.बैठको की सूचना सदस्यो तक पहुंचाना, मीटिंग कार्यवाही लिखना।
3.संस्था के अभिलेख तैयार कराना।

11.संस्था के नियमों के विनियमों में संशोधन प्रक्रिया- संस्था के नियमों विनियमों में संशोधन परिवर्तन परिवर्धन सोसा.रजि. अधि. की संगत धारा 12 के अंतर्गत उपस्थित साधारण सभा के 2/3 बहुमत से करना।

12.संस्था के कोष एवं लेखा व्यवस्था- संस्था का कोष किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में संस्था के नाम से खाता खोलकर जमा किया जावेगा जिसका संचालन संस्था की अध्यक्ष, प्रबंधक/सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षरों से किया जायेगी।

13.संस्था का लेखा परीक्षण आडिट- संस्था के लेखा परीक्षक प्रति वर्ष सत्र समाप्ति पर किसी योग चाटर्ड अकाउंटेंट द्वारा कराया जायेगा
पोलियो प्रतिरक्षण शिविरों आदि का आयोजन व संचालन करना एवं युवा एवं महिला विकास हेतु समूह बनाकर विकास का कार्य करना।

14.महिलाओं/ बालिकाओं/ बेरोजगार युवतियों को सिलाई कढ़ाई बुनाई
शिल्पकला,ललितकला, संगीतकला, गायन- वादन,नृत्य,थियेटर,अभिन य फोटोग्राफी,कियेटिंव राइटिंग फैशन शो डांस कम्पटीशन डिजाइनिंग, चिकन जरी डालमेकिंग फलाहवर मेकिंग,फल प्रसनस्करण खाघ प्रसनस्करण, पेंटिंग, स्क्रीन प्रिंन्टिग वाल पेंटिंग, खादी एवं हस्तशिल्प, चर्म शिल्प, मिट्टी के बर्तन एवं कलात्मक वस्तुओं, सिविल डिजाइनिंग के निर्माण एवं स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिलवाकर उनके स्वावलम्बन की भावना जागृत करना। पत्रिकाओं का प्रकाशन व संपादन करना।

15.केंद्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों को संचाना सर्दी में अलाव जलवाना, भोजन वस्त्र, कम्बल लोए लोई का वितरण करना गर्मी में पौशाला खुलवाना तथा बालश्रम उन्मूलन को रोकने का प्रयास करना तथा बालशोषण को रोकने हेतु उनके पुनेवास की व्यवस्था करना।

16.खादी तथा ग्रामोघोग बीर्ड, खादी आयोग कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग निदेशालय द्वारा संचालित समस्त प्रकार के कार्यक्रमों एवं योजनाओं को संचाति करना तथा उनका प्रचार प्रसार करना तथा भारत के शहरी क्षेत्र के लोगों ने पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों के आग्रह पर उपयोगी एवं अनुपयोगी भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षरोपण कराना एवं प्रेरित करना तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिकों के आग्रह पर उपयोगी एवं अनुपयोगी भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षरोपण कराना एवं प्रेरित करना तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिये प्रचार व प्रसार करना

17.क्षेत्र के विकलांग महिलाओं को साक्षर बनाना एवं राष्ट्रमिशन के कार्यक्रमों का संचालन करना एवं महिला एवं बाल विकास विभाग महिना कल्याण निगम,महिला आयोग द्वारा संचालित योजनाओ एवं कार्यक्रमों का संचालन करना ।

18.वृक्षरोपण करना/करवाना तथा रक्तदान कार्यक्रमों तथा स्वाथस्य परीक्षण कैम्पों धर्माथ एवं नि शुल्क चिकित्सालयो तथा स्वास्थ्य
मंत्रालय द्वारा गरीब एवं आम जनता के लार्भथ हेतु चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन करना।

19.समाज के मानवीय मूल्यों को बनाये रखने के लिए जागरूकता शिविरों, सेमिनार एवं गोष्ठियों का आयोजन करना एवं समाज को कुरीतियों को दे करने को प्रयास करना।

20.निर्धन व असहाय व साधनहीन परिवारों की कन्याओं के लिए दहेज विहीन शादी सामोरह का आयोजन करना तथा संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु सांसद निधि विधायक निधि से सहयोग लेना

21.समाज के मुक- बधिरों विकलांगों नेत्रहीनों विधवाओ वृद्धा तथा निरात्रितों बेरोजगारों अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों अल्प संख्या को दलितों पिछड़ी जातियों/ अन्य जातियों एवं शोषित वर्ग के कल्याण कार्य करना।
राष्ट्रीय एकता एवं साम्प्रदायिक सदभाव शिविरों का आयोजन करना विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना व कराना संस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति सभ्यता एवं महापुरुषों के चरित्र आदि का ज्ञान करना
तथा इसके लिए सतत प्रयत्नशीन रहने का प्रयास करना नुक्कड़ नाटक गोष्ठियों सगोष्ठियों का आयोजन कर समाज को जागरुक करना एवम हेतु कार्य करना तथा मघनिषेध सम्बन्धी कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार करना एवं नशामुक्तिं केंद्र का संचालन एवं प्रबंधकार्य नियमानुसार संपादित व संचालित करना।

23.प्रौढ़ शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कंप्यूटर शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक एवंम इलेक्ट्रॉनिक शिक्षा, टाइप शॉर्टहैंड शिक्षा दिलाने की व्यवस्था करना तथा लोगों को कंप्यूटरीकृत शिक्षण द्वारा प्रशिक्षित करना।

24.नि:शुल्क चिकित्सालय, अनाथालय, मुक- बधिर विद्यालय,ब्लाइंड स्कूल छात्रावास, व्यायामशाला, गौशाला, विधवा आश्रम, वृद्धा आश्रम, शिशु पालन ग्रह, बालवाड़ी, बाल सुधार गृह, आंगनवाड़ी महिलाओं एवं पुरुषों के लिए शार्ट- स्टे होम की स्थापना व संचालन एवं प्रबंधकार्य नियमनुसार सम्पादित करना।

25.विकलांगों की सहायतार्थ कार्यक्रम चलाना विकलांग को समाज में समानजीवन के साधन उपलब्ध कराना उनकी शिक्षा स्वास्थ्य एवं विकास के अवसरों का सृजन करना।

26.समाज उत्त्थान व सामाजिक समस्याओं व कुरीतियों को दूर करने तथा जनजागृति लाने हेतु धमार्थ पत्र-पत्रिकाओं, का निशुल्क प्रकाशन कर सामाजिक जन चेतना जागृत करना।

27.अल्पसंख्याको, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लिये विद्यालयों/ प्रशिक्षण केंद्रों व एवं विभिन्न प्रकार के तकनीकी केंद्रों की स्थापना करना एवं संचालन करना महिला विकास कार्यक्रम एवं प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम की व्यवस्था करना।

28.महिलाओं को स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता प्रदान करने हेतु महिला स्वयं सहायता समूहो का गठन करना व उनके कल्याण हेतु चलाई जा रही समस्त कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना शिक्षण की व्यवस्था करना।

29.बेसहारा व गरीबों के लिये फंड एकत्र करना।

30.गरीब लोगों की इलाज के लिए सरकारी मदद दिलवाना।

31.पर्यावरण सुधार के लिए समस्त कार्य करना ।

32.संस्था के कार्यक्षेत्र में शहरी एवं ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रमों का संचालन करना।

33.वृद्धों के वृद्धावस्था पेंशन दिलाने हेतु प्रयस करना।

34.भिक्षावृत्ति रोकने हेतु प्रयास करना।

35.संस्था के कार्यक्षेत्र में गरीब लड़के, लड़कियों की शादी विवाहों में सहयोग करना।

36.व्ययमशाला रेन बसेरा, धर्मशाला आदि की स्थापना एवं उनका संचालन करना।

37.नेहरू युवा केंद्र द्वारा संचालित कार्यक्रमों को प्राप्त कर चलाना।38.संस्था के कार्यक्षेत्र में योग योग केंद्र, अध्यात्मिकता केंद्रों आदि की व्यवस्था करना एवं उनका संचालन करना।

38.संस्था के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराना।

39.धमार्थ चिकित्सालय की स्थापना करना गरीबों को सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना तथा सस्ती प्रसव सेवा, रक्त
दान कार्यकम क्ष्य रोग नियंत्रण कार्यक्रमोब विश्व स्वास्थ्य संगठन की योजनाओ एवं कार्यक्रमों का संचालन करना।

41.संस्था के कार्यक्षेत्र में शिक्षा का प्रचार- प्रसार करना शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास हेतु नर्सरी मान्टेसरी स्तर से लेकर प्राइमरी,जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक,स्नातकोत्तर,इंग्लिश मीडियम, हिंदी मीडियम कक्षा तक के एक बालक एवं बालिकाओ के स्कूल/ कॉलेज विविध नामो से खोलना एवं उनका संचालन करना।

42.शासन की पूर्व अनुमति से मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कालेज,यूनानी, आयुर्वेदिक,चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्रो का संचालन करना।

43.मधुमक्खी पालन, मुर्गीपालन,,,मत्स्यपालन, भेड़ बकरी पालन,पिगरी फार्म आदि के प्रशिक्षण केंद्रो की स्थापना करना एवं उनका संचालन करना ।

44.महिलाओं को ब्यूटीपार्लर, महिला साक्षरता, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमो महिलाओ को बीमा सम्बन्धी व महिला बचत योजनाओ की जानकारी देना।

45.संस्था के कार्यक्षेत्र में बालश्रम विद्यालयो करना बाल श्रमिकों के कल्याण हेतु कार्य करना। भीड़- डे भील, नारेगा,मनरेगा के कार्यक्रमो को प्राप्त का संचालन करना।

46.युवा वर्ग के कल्याण हेतु नेहरू युवा केंद्र के माध्यम से संचालित विकास कार्यक्रम सहयोग करना।

Back To Top